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प्याज और सरसों तेल कीमतों में तेजी, चीनी 65 रुपये के पार 

त्यौहारों का सीजन चल रहा है और ऐसे में खाने पीने की सभी चीजों की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। खाद्य पदार्थों के दाम आए दिन बढ़ रहे हैं। प्याज और सरसों तेल के रेट में भी तेजी दर्ज की गई है। वहीं चीनी की कीमतें 65 रुपये किलो के पार पहुंच गई है जिसके चलते सभी का बजट बिगड़ गया है। 

 
प्याज और सरसों तेल कीमतों में तेजी, चीनी 65 रुपये के पार 

HR Breaking News - इस साल की दिवाली ने लोगों की जेब ढीली कर दी है। दरअसल, दिवाली के मौके पर सभी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। सोने-चांदी से लेकर खाने-पीने के चीजों की कीमतों में भी बंपर उछाल आया है। देश में बढ़ रही मंगाई ने आम आदमी का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। पिछले दिनों चीनी (chini ka ret) में आई तेजी ने सभी को चौंका दिया था और अब भी इसमें तेजी रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसके साथ ही प्याज (pyaj ka ret), सरसों का तेल और दाल के भाव   में भी उछाल आया है। महंगाई का तड़का लगने से दिवाली की रौनक और मिठास दोनों की कम होती दिख रही है। 

 

 


चीनी की कीमतें आउट ऑफ कंट्रौल - 

 


त्यौहारों के सीजन की शुरूआत के साथ ही चीनी की कीमतों (chini rate hike) में बंपर तेजी देखने को मिली। जिसके कारण त्यौहारों की मिठास फीकी होने लगी है। चीनी की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक भी इसके रेट्स कंट्रोल नहीं हुए हैं। हाल ही के डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने आंकड़े के अनुसार, 6 नवंबर 2026 को चीनी का रेट 60.22 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। वहीं 1 साल पहले चीनी की कीमत 29.31 रुपये प्रति किलो के आसपास थी। 

 

दिल्ली में चीनी 65 रुपये किलो के पार - 


देश की राजधानी दिल्ली  में चीनी का भाव 65 रुपये किलो के पार पहुंच गया है और मुंबई में चीनी की कीमत 63 रुपये प्रति किलो है। जिसके कारण लोगों के घरों में भी दिवाली की मिठास फीकी पड़ती दिख रही है। क्योंकि चीनी का उपयोग लगभग सभी मिठाईयों में होता है और इस समय त्यौहारों का सीजन चल रहा है तो मिठाईयों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। 


सरसों तेल महंगा - 


चीनी के अलावा सरसों तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। पिछले साल की तुलना में इस बार बाजार में सरसों की कीमतों में तगड़ी तेजी आई है। देश की लगभग सभी मंडियों में सरसों का भाव (sarso ka bhav) 8000 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहंचा है।  जिसके चलते सरसों के तेल के रेट भी बढ़े हैं। 7 नवंबर को सरसों का तेल का रेट 210 रुपये प्रति किलो रहा है जबकि एक महीना पहले 1 किलो सरसों की कीमत 203 रुपये थी यानी 7 रुपये की तेजी आई है। 


एक साल पहले सरसों के तेल का दाम (Mustard oil price) 187 रुपये प्रति किलो था। यानी एक साल में सरसों तेल 23 रुपये किलो महंगा हुआ है। इसके अलावा मूंगफली का तेल 212 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सोयाबीन का तेल का रेट 169 रुपये प्रति किलो है। सभी तेलों के भाव में तेजी दर्ज की गई। 


प्याज में जोरदार तेजी -


चीनी, सरसों तेल के अलावा प्याज की कीमतें (Onion prices) में भी आग लगी हुई है। डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दिनों 1 किलो प्याज की कीमत 54 रुपये है, जबकि पिछले साल प्याज का रेट 27 रुपये थी। सरकार ने प्याज की कीमत कम करने के लिए कांदा एक्प्रेस भी चलाई लेकिन उसका असर खास नजर नहीं आया है। 


दाल के रेट भी हाई - 


त्यौहारों के सीजन में दाल के रेट (daal ke rate) भी हाई हो गए हैं। डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर की रिपोर्ट के अनुसार, अरहर दाल की कीमत 153 रुपये किलो है।  चना दाल का भाव 103 रुपये किलो है। उड़द दाल 143 रुपये प्रति किलो बिक रही है। पिछले साल के मुकाबले इन सभी दालों के भाव में रिकॉर्ड उछाल आया है।