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Tax On Property : ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स भरने से पहले जान ले ये बात

Property  Tax : भारत में रहने वाले सभी नागरिक को अपनी संपत्ति का टैक्स भरना जरूरी होता है। आपकों बता दे की ऑनलाइन प्रोपर्टी टैक्स देना बेहद आसान है, कई लोगो को इसके बारे में जानकारी का अभाव होता है, आइए आज आपकों बताते है कि ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स भरते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जानिए खबर में पूरी जानकारी।
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Tax On Property : ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स भरने से पहले जान ले ये बात 

HR Breaking News, Digital Desk - प्रॉपर्टी टैक्स पेयर्स (property tax payers) को बड़ी राहत देते हुए देश के विभिन्न नगर निगमों ने प्रॉपर्टी टैक्स (property tax rules) भरने के लिए ऑनलाइन पेमेंट सुविधा (online payment facility) शुरू की है. अब आप लंबे फॉर्म भरना और लंबी लाइनों में लगने से बच सकते हैं. अगर आपके पास इंटरनेट कनेक्शन, क्रेडिट व डेबिट कार्ड और सही दस्तावेज हैं तो आप ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स (online property tax) भर सकते हैं. इतना ही नहीं ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 2 से 15 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है. वहीं महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त रियायत दी जाती है.

बता दें प्रॉपर्टी टैक्स संपत्तियों पर लगाया जाता है और संपत्ति के मालिकों के लिए हर साल इसे चुकाना अनिवार्य होता है. संपत्ति  जिस क्षेत्र में स्थित है, वहां की निकाय संस्था को यह टैक्स देना होता है. ध्यान रहे प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं करने पर ब्याज के साथ पेनाल्टी वसूली जा सकती है. देर से पेमेंट करने पर एक्स्ट्रा चार्ज लगते हैं.

कई प्रॉपर्टीज को प्रॉपर्टी टैक्स से छूट दी गई है. इनमें शमशान घाट, चैरिटेबल कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रॉपर्टी, सरकारी इमारतें, ऐतिहासिक इमारतें, पूजास्थल और कृषि भूमि शामिल हैं. एक प्रॉपर्टी की कीमत कई मानकों के आधार पर तय होती हैं जैसे- बिल्डिंग कितनी पुरानी है और निर्माण का वर्ष, मंजिलों की संख्या, कवर एरिया, खाली एरिया, आसपास का इलाका, निर्माण की प्रक्रिया और पोजेशन फैक्टर.

पड़ेगी प्रॉपर्टी आईडी जरुरत

आॉनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स भरते वक्त प्रॉपटी आईडी की जरुरत पड़ती है. दरअसल प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के वक्त हर बार निकाय संस्थाएं आपको एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर या प्रॉपर्टी आईडी देती हैं.  आपको रिटर्न्स और कॉरेस्पोन्डेंस में प्रॉपर्टी आईडी का हवाला देना होता है. संपत्ति को मिली पिछली प्रॉपर्टी आईडी याद होनी जरूरी है. इसी आईडी के जरिए आप आने वाले वर्षों में भी अपना रिटर्न भर सकते हैं. लेकिन अगर आप आईडी भूल गए हैं तो घबराने की जरुरत नहीं है आप वेबसाइट पर जाकर अपनी पिछली आईडी सर्च कर सकते हैं.

ऐसे भरें ऑनलाइन टैक्स

-दिल्ली के उदाहरण से आप समझ जाएंगे कि आपको कैसे टैक्स भरना है. आपको सबसे पहले www.mcdpropertytax.in पर क्लिक करना होगा. -इसके बाद आपको अपना नगर निगम चुनना होगा. दिल्ली में तीन नगर निगम हैं- नॉर्थ दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन या ईस्ट दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन. -सभी नियम व शर्तें ध्यान सें पढ़ें और उसके बाद आपको ''मैंने सभी नियम व शर्तें पढ़ ली हैं और मैं उन्हें स्वीकार करता हूं'' के बॉक्स पर क्लिक करना होगा. -इसके बाद ''यहां फाइल करें अपना प्रॉपर्टी टैक्स'' के बटन पर क्लिक करें.

अपनी प्रॉपर्टी आईडी भरें और सब्मिट करें. -आपका बही-खाता पन्ना संख्या, टाइप ऑफ ओनरशिप, टाइप ऑफ प्रॉपर्टी (रिहायशी डीडीए फ्लैट या कृषि संपत्ति), हाउसिंग कॉलोनी, घर का नंबर, अन्य जानकारी, फोन नंबर, फ्लोर नंबर, कवर्ड एरिया इत्यादि पहले से भरे होंगे. इन सभी को एक बार फिर से चेक करें. -इसके बाद पेमेंट मोड-डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेटबैंकिंग चुनें.

-पेमेंट करें और अपनी रसीद हासिल करें. इसे प्रिंट जरूर करा लें. -पेमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चालान सेव कर लें.