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2026 में सोना ज्यादा रिटर्न देगा या चांदी कराएगी मुनाफा, हो गई बड़ी भविष्यवाणी

Gold-Silver News : बीते वर्ष 2025 में सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में काफी ज्यादा उछाल देखने को मिला था। ऐसे में अब फिर लोगों के मन में सवाल आ रहा है कि 2026 में चांदी ज्यादा मुनाफा कराएगी या सोने में ज्यादा रिटर्न मिलेगा.... चलिए खबर के माध्यम से आपको बताते हैं कि इस साल सोने और चांदी की कीमतें कितनी रहेगी।
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2026 में सोना ज्यादा रिटर्न देगा या चांदी कराएगी मुनाफा, हो गई बड़ी भविष्यवाणी

HR Breaking News : (Gold-silver Ratio) पिछले कई दिनों से सोने और चांदी दोनों धातुओं के भाव में काफी ज्यादा इजाफा देखने को मिल रहा है। साल 2025 में सोने और चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड तोड़ तेजी दिखाई है। सोने और चांदी की बढ़ रही कीमतों को देख निवेशकों के मुंह पर रौनक देखने को मिली है वही, खरीदारों के चेहरे लटक गए हैं। अब बात करते हैं कि जिस तरह वर्ष 2025 में सोने और चांदी की कीमतों में इजाफा देखा गया इस तरह क्या 2026 में भी यह तेजी जारी रहेगी या नहीं....


दोनों कीमती धातुओं में बराबर निवेश रखना सही 


चांदी में आए बंपर उछाल (Latest Silver Price) के बाद अब निवेशकों के लिए आगे की रणनीति क्या होगी, ये सवाल अहम हो गया है। मिराए एसेट म्यूचुअल फंड का मानना है कि चांदी फिलहाल सोने की तुलना में महंगी हो गई है। गोल्‍ड-सिल्‍वर रेशियो 59.42 है, जो मार्च 1998 से इसके औसत 67.90 से काफी कम है। इसका मतलब है कि चांदी की कीमतें सोने की तुलना में अधिक हैं, जो निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है।


फंड हाउस का कहना है कि चांदी में रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद अब गिरावट का जोखिम है, जबकि सोने को केंद्रीय बैंकों से समर्थन मिल सकता है। इसलिए, अभी के लिए सोने और चांदी में बराबर निवेश रखना सही है। अगर चांदी की कीमतों में गिरावट आती है, तो सोने की ओर रूझान बढ़ाना समझदारी होगी।


2020 में सोने-चांदी का अनुपात 


मिराए एसेट एमएफ की तरफ से यह भी कहा गया है कि अब निवेशकों को ज्यादा उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।  लंबी अवधि के लिए इन्वेस्ट सही रहेगा और शुरुआत में ज्यादा पैसे लगाना जोखिम भरा काम  हो सकता है।


पिछली रिपोर्ट देखे तो 2020 में सोने-चांदी का अनुपात (Gold-silver ratio) 120 तक पहुंच गया था, जो चांदी की कीमतों में भारी उछाल को दिखाता है र 2025 की पहली छमाही में यह 100 से ऊपर बना रहा। इन आंकड़ो को देख पता चल रहा है कि चांदी की कीमतें कितनी बढ़ गई थीं।


2026 में कुछ ऐसे रहेंगे सोने के हालात


मिराए एसेट के मुताबिक, 2026 में सोने के लिए भू-राजनीतिक अनिश्चितता, अमेरिका में महंगाई, ब्याज दरों में कटौती और कमजोर डॉलर जैसी स्थितियां फायदेमंद हो सकती हैं। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, व्यापार विवाद और भू-राजनीतिक तनाव सोने को सुरक्षित निवेश बनाते रहेंगे। मंदी के हालात में भी निवेश की मांग सोने को सहारा देगी।


2026 में चांदी के भाव को लेकर अनुमान


मिराए एसेट का कहना है कि पिछलें साल चांदी के भाव में तेजी (Silver price hike) के पीछे सप्लाई की कमी, औद्योगिक मांग का बढ़ना और बाजार में चांदी की कम उपलब्धता थी। मिराए एसेट ने बताया कि COMEX में पंजीकृत चांदी का भंडार 2020 के मुकाबले तकरीबन 70% कम हो गया है, जिससे कीमतें बढ़ीं। चीन ने 2026 के पहले महीनें से ही चांदी के निर्यात पर सख्त नियम लागू किए हैं, जिसके तहत अब कंपनियों को सरकारी लाइसेंस लेना होगा। इससे वैश्विक सप्लाई में कमी आने की आशंका है, जिससे कीमतें और बढ़ सकती हैं। 


मिराए एसेट के मुताबिक, सोना और चांदी दोनों कीमती धातुओं की कीमतें 2025 में तगड़े उछाल (prices of gold and silver) के बाद बढ़ी हुई हैं, जिससे उतार-चढ़ाव का जोखिम बढ़ गया है। फिलहाल, चांदी में निवेश का रुझान बढ़ा हुआ है, लेकिन मजबूत औद्योगिक मांग और कम स्टॉक लंबी अवधि में सहारा दे रहे हैं। जिसका सीधा-सीधा मतलब है कि भावों में कोई भी गिरावट एक बड़े सकारात्मक रुझान के भीतर ही होने की संभावना है।


चांदी में गिरावट का जोखिम....


मिराए एसेट एमएफ का कहना है कि बाजार का टॉप पकड़ना मुश्किल है, लेकिन रिटर्न में नरमी की उम्मीद है। सोने की तुलना में चांदी में गिरावट का जोखिम ज्यादा होगा, क्योंकि सोने को केंद्रीय बैंकों का सहारा मिल सकता है। फिलहाल, सोने और चांदी में बराबर निवेश (Investing in gold and silver) करना सही रहेगा।
 

31 दिसंबर 2025 को कुछ ऐसी रही चाल


साल 2025 के आखिरी दिन सोने में मजबूती (Gold Price Today) बनी रही। दिल्ली में सोने की कीमत 640 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,38,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहीं, जो बुधवार को 1,37,700 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, चांदी की कीमतों (Silver Rate Down) में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी है।  चांदी की कीमत 1,600 रुपये टूटकर 2,37,400 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जो पहले 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी। बीते साल सोने ने 73.45% रिटर्न दिया, जबकि चांदी ने 164% की बढ़त हासिल की।