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10वीं पास हिसार की शारदा ने 3 हजार से शुरू किया बिजनेस, आज 10 महिलाओं को दे रही रोजगार

Success Story :महिलाएं अब हर कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ रही है। कई ऐसी महिलाएं है, जिन्होंने अपने दम पर कुछ कर दिखाया है। आज हम इस खबर में बात कर रहे हैं हिसार की शारदा (story of Sharda of Hisar) की, जिन्होंने 3 हजार से बिजनेस की शुरुआत की है और आज वो 10 महिलाओं को रोजगार दे रही है। खबर में जानिए शारदा की कहानी के बारे में विस्तार से-
 
10वीं पास हिसार की शारदा ने 3 हजार से शुरू किया बिजनेस, आज 10 महिलाओं को दे रही रोजगार

HR Breaking News (Success Story) हिसार की रहने वाली शारदा देवी आज अपने हुनर के दम पर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी है। आज 10वीं पास शारदा देवी (Success Story Of Sharda Devi) न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बनी है, बल्कि 10 अन्य महिलाओं के लिए रोजगार का रास्ता खोल रही है। इन्होंने मात्र 3 हजार से बिजनेस की शुरुआत की है, जिससे आज शारदा देवी बढ़िया आमदनी कमा रही है।

जानिए क्या है गंगवा की शारदा देवी की कहानी 


गंगवा की शारदा देवी (Sharda Devi Ki Kahani), जो कभी 8 से 10,000 रुपये महीने की निजी नौकरी करती थी। आज उनका बिजनेस उनकी पहचान बन गया है। 5 साल पहले सिर्फ 3000 रुपये का सामान खरीद कर इन्होंने मिट्टी के बर्तनों का बिजनेस शुरू किया था, वो आज उनकी पहचान बन गया है।


अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव (International Rakhigarhi Festival) में उनके स्टॉल पर मिट्टी के बर्तनों की मांग और ग्राहकों की रुचि इस बात को साबित करती है कि आधुनिकता के दौर में लोग देसी कला और पारंपरिक उत्पादों को पसंद कर रहे हैं।

 

कैसे किया शारदा देवी ने बिजनेस शुरू


शारदा देवी ने दसवीं कक्षा तक पास की है। उन्होंने हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (Haryana State Rural Livelihood Mission) से जुड़कर स्वयं सहायता समूह के जरिए अपना बिजनेस शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने 3000 रुपये का सामान खरीदा और धीरे-धीरे अपने काम को आगे बढ़ाया। बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने सरकार से 3,00,000र रुपये का लोन लिया। आज उनके समूह में 10 महिलाएं जुड़ी है, जो मिलकर मिट्टी के बर्तन (Sharda Devi pottery business) और घरेलू उपयोग के उत्पाद तैयार करती है।

एक दिन में शारदा देवी की कारोबार से कमाई


आज राखीगढ़ी जैसे मेलों (Rakhigarhi Fairs) में बिक्री अच्छे होने पर शारदा देनी एक दिन में 10000 रुपये तक की कमाई कर लेती हैं। राखीगढ़ी महोत्सव में कल्पना स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर मिट्टी के कुकर, दही जमाने की हांडी, बोतलें, जग, सुराही और मुल्तानी मिट्टी से बने उत्पाद लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। 


शारदा देवी के उत्पादों की मांग (Demand for Sharda Devi products) हरियाणा के साथ ही राजस्थान के जयपुर तक पहुंच गई है। हिसार की PLA मार्केट में भी उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए जगह मिली है। वह दिल्ली के प्रगति मैदान में कई बार स्टोर लगा चुकी हैं।