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Success Story : डॉक्टरी का पद छोडकर क्लीयर किया यूपीएससी, पहले प्रयास में हासिल किया AIR 4 रैंक

Success Story : आज यूपीएससी सीएसई परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों में उन उम्मीदवारों के नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने इंजीनियरिंग, एमबीए तो मेडिकल फिल्ड को छोड़कर इस परीक्षा में परचम लहराया है. आइए जानते है ऐसी ही एक आईएएस अधिकारी अर्तिका शुक्ला की कहानी...
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​​​​​​​Success Story : डॉक्टरी का पद छोडकर क्लीयर किया यूपीएससी, पहले प्रयास में हासिल किया AIR 4 रैंक

HR Breaking News (नई दिल्ली)। UPSC Success Story : यूपीएससी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है, इसके बावजूद हर साल बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से उम्मीदवार यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा में भाग लेते हैं. पहले ऐसा माना जाता था कि यूपीएससी UPSC की परीक्षा क्रैक करने वाले लोग हिस्ट्री, ज्योग्राफी या जनरल विषयों से बैचलर डिग्री करते हैं. लेकिन ऐसा नहीं, आज बड़ी संख्या में दूसरे फिल्ड- इंजीनियर, एमबी, बैक मैनेजर सहित मेडिकल के छात्र यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा में भाग ले रहे हैं. 


अर्तिका शुक्ला 2015 में यूपीएससी UPSC सीएसई के लिए उपस्थित हुईं और पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की. यह वही साल थी जब आईएएस IAS अधिकारी टीना डाबी ने भी एआईआर 1 के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की, अतहर आमिर खान AIR 2 और जसमीत सिंह ने AIR 3 रैंक हासिल की थी. 


बनारस की रहने वाली अर्तिका शुक्ला ने दिल्ली के मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री है. इसके बाद एमडी की डिग्री हासिल करने के लिए पीजीआईएमआईआर, चंडीगढ़ चली गईं. इसी दौरान उनके भाई ने उन्हें यूपीएससी UPSC सीएसई की तैयारी करने का सुझाव दिया. उन्हें भी यह विचार अच्छा लगा और वह तैयारियों में जुट गईं.


अपने भाई से प्रेरित होकर उन्होंने एमडी बीच में ही छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. डीएन की रिपोर्ट्स की मानें तो अर्तिका ने यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग नहीं ली. सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए अपने भाई के नोट्स को ही पढ़ती रहीं. हालांकि उन्हें यूपीएससी सीएसई क्वालीफाई करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करनी पड़ी है.