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Success Story: इस महिला ने अपनी मेहनत से बदल ली अपनी किस्मत, अब आर्गेनिक खेती से कमा रही लाखों

Madhya Pradesh Farmer Success Story: आज हम आपको एक ऐसी महिला की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने अपनी जिद और अपनी मेहनत से अपनी किस्मत बदल ली। यह महिला पिछले 10 सालों से ऑर्गेनिक खेती कर रही हैं. आइए जानते हैं उनके बारे में.
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HR Breaking News (नई दिल्ली)। Lady Farmer Success Story: भारत कृषि प्रधान देश है. यहां कई तरह की फसलें उगाई जाती हैं. खेती और किसानी के नाम पर मध्यप्रदेश भी नंबर वन रहा है. आपने कई किसानों की सक्सेस स्टोरी जरूर सुनी होंगी. लेकिन आज हम आपको एक महिला किसान की स्टोरी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले की रहने वाली हैं.

10 सालों से कर रहीं ऑर्गेनिक खेती -
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले की रहने वाली ललिता मुकाती पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए एक मिसाल बनकर सामने आई हैं. ललिता पिछले 10 सालों से ऑर्गेनिक खेती कर रही हैं.  इसकी बदौलत वो हर साल 25 लाख रुपये भी कमा रही हैं. ललिता पहले रासायनिक खेती करती थीं. लेकिन लोगों को बीमारी से परेशान होता देख उन्होंने ऑर्गेनिक खेती (जैविक) की और रूख लिया. लगन की बदौलत उन्होंने कई अवॅार्ड (Award) भी हासिल किए हैं.


कई अवॅार्ड (Award) हासिल कर चुकी हैं ललिता -
ललिता ने सबसे पहले ज्वार, मूंगफली की जैविक खेती शुरू की. उन्होंने ये खेती 2 से 3 एकड़ से शुरू की. इसके बाद ललिता ने अपनी मेहनत और अनुभव के दम पर 40 एकड़ की जमीन पर आम, सीताफल, नींबू, आंवला, चीकू, गेहूं, डॉलर चना और जैविक तरबूज की खेती करना शुरू कर दिया.
ललिता के इस लग्न और जुनून को देखते हुए सरकार द्वारा उन्हें सराहा गया.

साल  2018 में दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा अवार्ड से सम्मानित किया गया. इसके अलावा वर्ष 2019 में दिल्ली में पूसा अनुसंधान कृषि मेले में दिल्ली में इनोवेटिव फार्मर के रूप में अवार्ड भी मिल चुका है. इतना ही नहीं उनके जज्बात को देखते हुए 2019 में ग्वालियर में राज माता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित भी किया गया. 

ट्रेनिंग के लिए आते हैं लोग -
ललिता से प्रशिक्षण लेने लोग दूर-दूर से आते हैं. ललिता बताती हैं कि कृषि संस्था से जुड़े लोग और खंडवा कृषि विश्वविद्यालय के छात्र उनसे कृषि के बारे में सीखने यानि ट्रेनिंग लेने आते हैं.