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Fatehabad News : टोहाना का सरकारी कॉलेज होगा शिफ्ट, 15 एकड़ जमीन खरीद के लिए आवेदन आमंत्रित

Fatehabad News : टोहाने के सरकारी कॉलेज की शिफ्टिंग की जाएगी। इसको लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। विभाग की तरफ से नई जगह के लिए भूमि खरीद हेतु आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं। लॉकेशन फाइनल हो चुकी है। भूमि की आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसपर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। चलिए जानते हैं इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से- 
 
Fatehabad News : टोहाना का सरकारी कॉलेज होगा शिफ्ट, 15 एकड़ जमीन खरीद के लिए आवेदन आमंत्रित

HR Breaking News (Tohana News) फतेहाबाद जिले के टोहाना के सरकारी कॉलेज को शिफ्ट किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से इसके लिए 15 एकड़ जमीन की डिमांड की गई है। इस जमीन पर टोहान के कॉलेज को शिफ्ट किया जाएगा। इसे अब खुले स्थान पर बनाया जाएगा, जहां ट्रैफिक की भी कोई समस्या नहीं होगी। 

 


बस स्टैंड के पास किया जाएगा शिफ्ट (Govt College of Tohana)


टोहाना के गवर्नमेंट कॉलेज (Govt College Tohana Fatehabad) को अब बस स्टैंड के पास शिफ्ट किया जाएगा। टोहाना के नए बाईपास पर उच्च शिक्षा विभाग को जमीन की तलाश है। यहां पर विभाग को 15 एकड़ जमीन चाहिए। इस जमीन पर विभाग के द्वारा नई बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। यहां पर बच्चों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।  

 

किसानों से की जाएगी जमीन की खरीद


टोहाना के सरकारी कॉलेज (Tohana Govt College) को शिफ्ट करने के लिए रिवेन्यू विभाग के माध्यम से किसानों से जमीन की मांग की गई है। किसान अपनी जमीन बेचने के लिए 30 सितंबर तक ई भूमि पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। ई भूमि पोर्टल पर जमीन के लिए आवेदन 1 जुलाई से शुरू हो गए थे। सरकार की तरफ से आवेदन आने के बाद अपनी जरूरत अनुसार जमीन की खरीद की जाएगी। यानी की भूमि अर्जन प्रोसेस के तहत किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। 

 

 

किसान कर सकेंगे अपनी जमीन का मोलभाव


किसानों को अपनी जमीन बेचने के लिए अपनी जमीन (Farmers News) का मोलभाव करने का मौका मिलेगा। सरकार से किसान उचित मुआवजा मांग सकते हैं। वहीं, सरकार को फायदा यह होगा कि पूरा प्रोसेस किसानों की पूर्ण सहमति पर ही चलेगा, इससे भविष्य में योजना में कोई रूकावट नहीं आएगी। वहीं, आवेदन ज्यादा आते हैं तो सरकार जरूरत अनुसार अपने हिसाब से जमीन की खरीद कर सकती है। यानी कि यह योजना किसानों और सरकार दोनों के हित में है।