hrbreakingnews.com

बिना टैक्स दिए गुजरे वाहन, 500 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं पर बोनस की मांग

Haryana wheat price 2022  कृषि की बढती लागत को देखते हुए किसानों ने 500 रुपये प्रति क्विंटल बढाने की मांग की है।
 
Haryana wheat price 2022 Demand has been made to increase by Rs 500 per quintal

HR BREAKING NEWS भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट की तरफ से किए गए आह्वान के बाद शनिवार को किसानों ने झज्जर जिले में पड़ने वाले तीनों टोल प्लाजा को 3 घंटे के लिए फ्री रखा।

किसान भाईयों के लिए जरूरी सूचना देसी नस्ल की गायों की डेयरी खोलने पर मदद करेगा प्रशासन, मिलेगा लोन


इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन किसान टोल पर डटे रहे। एक बजे बाद किसानों ने टोल से अपना धरना हटा दिया। बता दें कि किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने किसानों से गेहूं पर 500 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग को लेकर 3 घंटे के लिए टोल फ्री करने का आह्वान किया था।

किसान भाईयों के लिए जरूरी सूचना डेयरी व्यवसाय करें, सरकार करेगी आपकी मदद, जानें कैसे


 जिसके बाद किसानों ने झज्जर जिले में पड़ने वाले छारा, डीघल और एक अन्य टोल प्लाजा पर सुबह 10 बजे ही धरना शुरू कर दिया। धरने के बीच ही किसानों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

किसान भाईयों के लिए जरूरी सूचना डेयरी व्यवसाय करें, सरकार करेगी आपकी मदद, जानें कैसे


इस दौरान 3 मांगों का एक पत्र भी सरकार को भेजा गया। किसान नेता चिंटू प्रधान, देवेन्द्र सिंह व अन्य ने बताया कि गेहूं की पैदावार कम हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2800 रुपए प्रति क्विंटल का दाम चल रहा है और निकट भविष्य में दाम और बढ़ने के आसार हैं। क्योंकि गेहूं की उपज करने वाले देशों में अगस्त और नवंबर के बीच पैदावार होगी।

 

किसान भाईयों के लिए जरूरी सूचना डेयरी व्यवसाय करें, सरकार करेगी आपकी मदद, जानें कैसे


कृषि लागत बढी इसलिए खरीद रेट बढाया जाए


दूसरी मांग के बारे में बताते हुए किसान नेताओं ने कहा कि वर्ष 2020-21 में गेहूं की लागत हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2083 रुपए प्रति क्विंटल आई थी, जो इस वर्ष 2021-22 में डीजल, खाद व बीज के दाम में बेतहाशा वृद्धि के बाद और ज्यादा हो गई है।

 

लेकिन सरकार ने एमएसपी पर गेहूं की खरीद का रेट आज भी 2015 रुपए प्रति क्विंटल ही रखा हुआ है, जो किसानों की लागत से बहुत कम है। इस बार मौसम की वजह से गेहूं उत्पादन में भी कमी आई है। ऐसे में किसानों को 500 रुपए प्रति क्विंटल बोनस मिलना चाहिए।