hrbreakingnews.com

Haryana में अनाज मंडियों में होगी किसानों की बायोमेट्रिक, लगाई जाएगी CHC संचालकों की ड्यूटी

Haryana News : हरियाणा में खरीफ की फसलें पकने लगी हैं। इन फसलों को बेचने के लिए किसान मंडियों में पहुंचेंगे तो खरीद केंद्रों पर उनको बायोमेट्रिक भी करनी होगी। इसके लिए सरकार ने तैयारी पूरी कर ली है। खरीद केंद्रों में संचालकों की ड्यूटी लगाने की तैयारी की जा रही है। वहीं इसके लिए ढाई हजार पोस मशीन भी लगाई जाएगी। 

 
Haryana में अनाज मंडियों में होगी किसानों की बायोमेट्रिक, लगाई जाएगी CHC संचालकों की ड्यूटी

HR Breaking News (Haryana News Update) हरियाणा में खेतों में कुछ फसलें पक चुकी हैं तो कुछ पकने की कगार पर हैं। जल्द ही किसान अपनी फसल को लेकर मंडियों में जाएंगे, जहां उनको बायोमेट्रिक भी करनी होगी। हरियाणा में 255 अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर बायोमेट्रिक लगेगी। वहीं बायोमेट्रिक करने का काम सीएचसी संचालकों को दिया जा सकता है। इसको लेकर तैयारी चल रही है और सरकार के पास इसकी फाइल भेजी गई है। 

 

 

3.84 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण (Haryana Paddy Procurement)


खरीफ फसल की बिक्री के लिए प्रदेश में 3.84 लाख किसानों ने पंजीकरण (Haryana Paddy Procurement update) कराया है। वहीं इनमें सबसे ज्यादा 23 लाख एकड़ से अधिक धान की मंडियों के लिए पंजीकरण है। धान बड़ी संख्या में लगाया गया है। वहीं खरीद प्रक्रिया को लेकर एक बैठक भी होनी है, जिसमें आगे के निर्णय लिए जाएंगे। फिलहाल इसके लिए 250 पोस मशीन खरीदी जा रही है। यह मशीन धान खरीद प्रक्रिया में लगाई जाएंगी। 

 


किसान ऐप पर डिटेल दर्ज करानी होगी (Kisan App Haryana Dhan kharid)


हरियाणा में पहली बार ऐसा हो रहा है कि धान बेचने से पहले किसानों को किसान ऐप में अपने बारे में जानकारी देनी होगी, इससे यह पता लगेगा कि किस किस दिन मंडी में दान लेकर कौन किसाना पहुंचेगा। इसको लेकर पूरी तैयारी की जा रही है। लगातार खेती से जुड़े सिस्टम को ऑनलाइन किया जा रहा है और धीरे-धीरे इसको बढ़ाया जा रहा है। पारदर्शिता रखने के लिए सरकार यह कदम उठा रही है। 

 

सरकारी गोदामों में भी रखा जाएगा धान 


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बार अगर चावल मिल (Rice Mills Haryana) मालिक या फिर अन्य प्राइवेट खरीदार धान नहीं खरीदते हैं तो विभाग धान की खरीदी करेगा और इसको सरकारी गोदाम में भी रखा जा सकता है। इससे किसानों का धान समय से खरीदा जाएगा और बाद में इससे चावल बनाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकेगी। 58 लाख टन धान की अबकी बार मंडियों में खरीद की जानी है। 


औसत उत्पादन की मांगी जानकारी (Haryana News Update)


दूसरी तरफ हरियाणा में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से कृषि विभागों को पत्र भेजा गया है। हर जिले में औसत उत्पादन की जानकारी मांगी गई है। उत्पादन पिछले 3 सालों का होगा। इसी से औसत निकालकर जिला वाइज धान की खरीद की जाएगी। इस बार हर जिले में अलग-अलग धान की खरीद की जा सकती है। किसान ऐप में यह डाटा जोड़ दिया जाएगा। ऐसे में किसान उतनी ही फसल बेच पाएंगे, जितनी किसान ऐप में दर्ज की जाएगी। 


चावल मिल मालिकों को पंजीकरण कराना होगा (Agriculture News Haryana)


धान खरीद के लिए चावल मिल मालिकों को भी पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए सरकार की तरफ से मीलिंग की नई नीति तैयार की गई है। अब तक 300 चावल मिल मालिक पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं प्रदेश में 1400 चावल मिल हैं, जिसमें से 800 ने चावल तैयार करके सरकार को सौंप दिया है। सरकार की ओर से चावल मिल मालिकों को 30 सितंबर तक का समय दिया गया था। 


सितंबर में ही धान खरीद शुरू करने की अनुमति मांगी 


दूसरी तरफ मंडियों में धान पहुंचने लगा है। इसी को लेकर हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री (Haryana's Food and Supplies Minister) राजेश नागर ने बताया कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है, जिसमें धान खरीद अक्टूबर की बजाय सितंबर में ही शुरू करने की मांग की गई है। किसानों के अनाज का दाना दाना खरीदा जाएगा। इसके लिए 22 सितंबर को अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।