hrbreakingnews.com

हरियाणा सरकार ने खिलाड़ियों को दिया बड़ा तोहफा, कैबिनेट ने भी दी मंजूरी

HARYANA NEWS  सरकार की ओर से खिलाड़ियों के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं। इससे पहले नियम यह था कि वही खिलाड़ी कैश अवॉर्ड योजना का लाभ ले सकेगा, जिसका इवेंट ओलंपिक, एशियाई या राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल हो। इसे लेकर खिलाड़ी परेशान थे और लंबे समय से सरकार से नियमों में संशोधन की मांग कर रहे थे।
 
haryana sports policy and sports department contact number

HR BREAKING NEWS हरियाणा के खिलाड़ियों के लिए राहत की खबर है। अब किसी भी भार वर्ग में मेडल जीतने पर खिलाड़ियों को कैश अवॉर्ड दिया जाएगा। चाहे वह भार वर्ग ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन खेल में शामिल न हो।

आपके लिए जरूरी सूचना एजुकेशन के लिए हरियाणा सरकार दे रही education loan, ब्याज भी नाममात्र, ऑनलाइन कर सकते हैं अप्लाई

इसके लिए हरियाणा मंत्रिमंडल ने पांच सितंबर, 2019 को जारी खेल नीति में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। संशोधन के अनुसार अब ‘इवेंट’ को एक खेल के कई विषयों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो कि भार वर्ग तक सीमित नहीं है। सरकार ने इस संशोधन को खेल नीति के पैरा-2 में जोड़ दिया है।

आपके लिए जरूरी सूचना एजुकेशन के लिए हरियाणा सरकार दे रही education loan, ब्याज भी नाममात्र, ऑनलाइन कर सकते हैं अप्लाई

इससे कुश्ती, बाक्सिंग और जूडो के खिलाड़ियों को लाभ मिल सकेगा। इससे पहले नियम यह था कि वही खिलाड़ी कैश अवॉर्ड योजना का लाभ ले सकेगा, जिसका इवेंट ओलंपिक, एशियाई या राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल हो। इसे लेकर खिलाड़ी परेशान थे और लंबे समय से सरकार से नियमों में संशोधन की मांग कर रहे थे।

आपके लिए जरूरी सूचना एजुकेशन के लिए हरियाणा सरकार दे रही education loan, ब्याज भी नाममात्र, ऑनलाइन कर सकते हैं अप्लाई


10 भार वर्गों में खेली जाती है कुश्ती 


विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेलों, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप, राष्ट्रीय खेलों और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कुल 10 भार वर्गों में कुश्ती खेली जाती है, जबकि ओलंपिक खेलों और एशियाई खेलों में केवल छह भार वर्ग में इन्हें खेला जाता है।

 

इसी प्रकार, मुक्केबाजी (पुरुष) विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेलों, एशियाई चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप, राष्ट्रीय खेल और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कुल 10 भार वर्गों में खेली जाती है, जबकि ओलंपिक खेलों में केवल छह भार वर्ग में खेला जाता है। एक खिलाड़ी के लिए अपना भार वर्ग बदलना और नए सिरे से शुरुआत करना लगभग काफी कठिन है। इसलिए सरकार ने यह संशोधन किया है।