hrbreakingnews.com

हिसार के 1 लाख 43 हजार प्रोपर्टी धारकों को राहत, पुरानी दरों पर जमा करवा सकेंगे टैक्स

Hisar News : शहरवासी प्रोपर्टी धारकों को हाल ही में बड़ी राहत मिली है। निगम प्रशासन की और से प्रोपर्टी धारकों को पुरानी दरों पर टैक्स जमा करने को कहा है। इससे पुराने वर्षों का टैक्स जमा करवाने के लिए उस समय की लागू दरों का ही इस्तेमाल कर सकेंगे। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

 
हिसार के 1 लाख 43 हजार प्रोपर्टी धारकों को राहत, पुरानी दरों पर जमा करवा सकेंगे टैक्स

HR Breaking News (Hisar News) :  शहर में उन संपत्ति मालिकों (property owners) को बड़ी राहत मिली है। जिनका पिछले वर्षों का प्रॉपर्टी टैक्स (property tex ko lekr update) बकाया है अब उन्हें पुराने दिनों पुराने टैक्स का भुगतान उस समय लागू दरों के हिसाब से ही करना होगा। नगर निकाय विभाग के निदेशालय ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि बीते वर्षों की बकाया पर नए कलेक्टर रेट के आधार पर टैक्स नहीं वसूला जाए। नई दरें सिर्फ चालू वित्त वर्ष की टैक्स पर लागू होगी। इससे बकाया जमा करने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। 

 

इतने प्रोपर्टी धारकों को मिलेगा फायदा (Hisar Latest News)

 

इस फैसले से शहर के करीब 1.43 लाख ऐसे प्रॉपर्टी मालिकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। जिन्होंने चालू वित्त वर्ष का टैक्स अभी तक जमा नहीं कराया है। खासकर उन लोगों को राहत मिलेगी जिनके कई साल का टैक्स लंबित है। नई दरों की बजाए पुरानी दरों से हिसाब होने के कारण उनकी देनदारी कम हो सकती है।

1 अक्टूबर से लागू होनी थी नई दरें (collect property tax news)

नगर निगम (hisar nagar nigam) की ओर से पहले 1 अक्टूबर से नए कलेक्टर रेट के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने की तैयारी की गई थी। हालांकि ऑनलाइन पोर्टल पर नई दरों से संबंधित डाटा अपडेट नहीं होने के कारण व्यवस्था को 10 अक्टूबर तक टालना पड़ा। अब निदेशालय ने पुराने बकाया और चालू वित्त वर्ष के टैक्स को लेकर स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। पुराने टैक्स की गणना संबंधित अवधि के स्लैब के अनुसार होगी। जबकि मौजूदा वित्त वर्ष में नई दरों का इस्तेमाल किया जाएगा।

उदाहरण से ऐसे समझिए (latest news hisar)

कलेक्टर रेट बढ़ाने का असर व्यावसायिक संपत्तियों के टैक्स पर ज्यादा बढ़ सकता है। ऐसे में पुराने बकाया की गणना पुराने दिनों से होने पर दुकानों शोरूम और अन्य व्यावसायिक भवनों के मालिकों को अच्छी खासी बचत हो सकती है। उदाहरण के तौर पर देखे तो किसी व्यावसायिक संपत्ति का बकाया नए रेट से 50000  रूपये बनता है तो, पुराने स्लैब के अनुसार यह करीब 15 से 20000 रुपये रह सकता है। हालांकि वास्तविक राशि संपत्ति की श्रेणी और संबंधित अवधि में हुई लागू दरों पर निर्भर करती है। 

इतने संपत्ति मालिक टैक्स करवा चुके जमा (collector rate hisar)

नगर निगम (nagar nigam hisar) के रिकॉर्ड के हिसाब से हिसार शहर में 154000 प्रॉपर्टी धारक दर्ज है। इनमें लगभग 40000 खाली प्लॉट है, जबकि बाकी रिहायशी और व्यवसायिक संपत्ति है। अभी तक करीब 11000 संपत्ति मलिक चालू वित्त वर्ष का टैक्स जमा कर चुके हैं। बाकी संपत्ति मालिकों के लिए टैक्स की नई व्यवस्था के तहत भुगतान का रास्ता साफ होगा।  

ऑनलाइन पोर्टल में किए जा रहे बदलाव

निगम प्रशासन  की ओर से टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल और सॉफ्टवेयर में कई बदलाव किए जा रहे हैं। इससे संपत्ति मालिकों को बिल बनवाने और भुगतान करने में आ रही दिक्कतें दूर करने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त निगम आयुक्त डॉ.प्रदीप हुड्डा का कहना है कि पुरानी बकाया प्रॉपर्टी टैक्स को पुरानी दरों के अनुसार जमा करने के निर्देश मिले हैं। उन्होंने शहर वासियों से समय पर टैक्स जमा करवाने की अपील करते हुए कहा कि इससे नगर निगम की आय बढ़ेगी और इस राशि का उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जाएगा।