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हिसार का राजकीय स्कूल 10 साल से जर्जर, 50 बच्चों को पढ़ा रहा एक टीचर

Hisar News : हिसार में जहां एक ओर शिक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर यहां कई ऐसे सरकारी स्कूल (Hisar School Updates) है, जिसके हालात बेहद खराब है। हिसार का एक राजकीय स्कूल ऐसा है, जो बीते 10 वर्षों से जर्जन हालत में है, जहां भवन की हालत बेहद खराब है और यहां पर एक ही टीचर 50 बच्चों को पड़ा रहा है। खबर में जानिए हिसार के इस राजकीय स्कूल के बारे में-
 
हिसार का राजकीय स्कूल 10 साल से जर्जर, 50 बच्चों को पढ़ा रहा एक टीचर

HR Breaking News (Hisar News) हिसार के राजकीय स्कूल की हालत बेहद खस्ता हो गई है। सिर्फ इतना ही नहीं इमारत के साथ स्कूल (Hisar News) में शिक्षकों की तैनाती का गणित भी हैरान करने वाला है। हिसार का राजकीय स्कूल बीते 10 साल से जर्जर हालत में खड़ा है। यहां की व्यवस्था से बच्चों की पढ़ाई पर तो असर पड़ ही रहा है साथ ही बच्चों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-

इस स्कूल भवन में जगह-जगह पड़ी है दरारें


हिसार जिले के गांव दाहिमा की राजकीय प्राथमिक पाठशाला (Government Primary School) में बारिश में स्कूल की छत का हिस्सा गिर गया था। भवन में जगह-जगह दरारें पड़ी हुई है और छत का प्लास्टर भी झड़ रहा है और सरिया तक बाहर निकला हुआ है। उसके बाद भी दायमा की राजकीय प्राथमिक पाठशाला (Government Primary School) में बच्चों की पढ़ाई अभी भी चल रही है। लगभग 10 साल से भारत में चल रहे स्कूल में फर्स्ट से 5 तक के लगभग 50 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

 

तेज बारिश के दौरान गिरा छत का बड़ा हिस्सा 


यह स्कूल 10 सालों से जर्जर हालत में खड़ा है, जोकि कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। हाल ही में तेज बारिश के दौरान स्कूल की छत का बड़ा हिस्सा गिर गया। बस गनीमत यह रही कि हादसा कक्षा के दौरान नहीं हुआ वरना, बच्चों की जान पर बन सकती थी। स्कूल की स्थिति सिर्फ भवन तक नहीं है। 4 शिक्षकों की व्यवस्था के बाद भी अभी पहली से 5वीं तक का पूरा जिम्मा एक शिक्षक के पास है।

 

सरकारी दफ्तरों की धूल फांक रही फाइलें


विभाग बीते कई सालों से इस भवन को कंडम घोषित करने, इसकी नीलामी करने और नए भवन के निर्माण के लिए कागजी पत्राचार कर रहा था, लेकिन अभी भी फाइलें सरकारी दफ्तरों में ही उलझी पड़ी है। वहीं, कुछ महीने B and R की टीम ने भी स्कूल का निरीक्षण (Inspection of Government Primary School) कर भवन को कंडम ऐलान कर दिया है। हालांकि अभी भी राहत की उम्मीद दूर है, क्योंकि भवन के मूल्यांकन का कार्य अभी प्रोसेस में ही अटका है।

निरीक्षण और वैल्यूएशन के चरण तक पहुंचा प्रोसेस 


जब तक मूल्यांकन का काम पूरा नहीं होता, तब तक न तो भवन की नीलामी होगी और न ही बजट पास होगा। यानी जिस भवन को लेकर विभागीय स्तरों पर सालों से पत्राचार चलता रहा, उसका प्रोसेस अब निरीक्षण (Government School of Hisar) और वैल्यूएशन के चरण तक पहुंची है। वहीं, जब इसके बारे में DEEO से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। 

SIR ड्यूटी पर भेजे गए दो शिक्षक 


स्कूल में कुल चार शिक्षकों के पद स्वीकृत होने के बाद भी अभी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। दो शिक्षक SIR ड्यूटी पर भेजे गए हैं। ऐसे में पूरे स्कूल के 50 बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा सिर्फ एक शिक्षक पर आ गया है। कमरों के असुरक्षित होने की वजह से शिक्षक बालवाटिका (kindergarten teacher) से लेकर 5वीं तक की सभी कक्षाओं के बच्चों को एक साथ बरामदे में बैठाकर पढ़ा रहे हैं। स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए सही डेस्क और बेंच तक नहीं है, जिस वजह से बच्चे मासूम सीलन भरे फर्श पर बैठने पर मजबूर हो रहे हैं।