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GJU  के विद्यार्थियों के लिए गुड न्यूज, इंडिया स्पेस लैब में इंटर्नशिप करने का मिलेगा मौका 

Hisar News :जीजेयू के विद्यार्थियों के लिए एक अच्छी खबर है। जीजेयू के विद्यार्थियों के लिए इंडिया स्पेस लैब में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा। इसमें विद्यार्थियों को ड्रोन, रॉकेट्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रिमोट सेंसिंग जैसे क्षेत्रों के बारे में ट्रैनिंग दी जाएगी। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से। 
 
GJU  के विद्यार्थियों के लिए गुड न्यूज, इंडिया स्पेस लैब में इंटर्नशिप करने का मिलेगा मौका 

HR Breaking News (Hisar News) : गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी आधुनिक तकनीकों को सीखने का अवसर है। नई दिल्ली की इंडिया स्पेस लैब (India Space Lab in New Delhi) ने वर्ष 2026-27 के लिए विंटर इंटर्नशिप एवं टेक्निकल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत प्रतिभागियों को अंतरिक्ष विज्ञान के साथ-साथ ड्रोन (drone), रॉकेट्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artifical Intelligence) और रिमोट सेंसिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के संबंध में इंडिया स्पेस लैब के निदेशक कार्यालय की ओर से जीजेयू के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार को पत्र भेजा गया है।

दो बैच में आयोजित होगा प्रशिक्षण

 

इंटर्नशिप (hisar gju news)  के लिए दो बैच निर्धारित किए गए हैं। पहले बैच का प्रशिक्षण 2 नवंबर से 16 दिसंबर तक चलेगा। इसके लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 22 अक्टूबर थी। इस बैच में कुल 1270 सीटें निर्धारित की गई हैं। वहीं, दूसरे बैच के लिए 18 दिसंबर तक आवेदन किया जा सकेगा। इसका प्रशिक्षण 4 जनवरी से 17 फरवरी 2027 तक आयोजित होगा। दूसरे बैच में 1045 सीटें उपलब्ध रहेंगी। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए 948 अतिरिक्त सीटें भी आरक्षित रखी गई हैं।

120 घंटे की ट्रेनिंग, मिलेंगे चार क्रेडिट

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम 45 दिनों का होगा, जिसमें कुल 120 घंटे की पढ़ाई और प्रशिक्षण शामिल रहेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (national education policy) के तहत इस कोर्स के चार क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं। इसमें प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में प्रोजेक्ट आधारित काम करने का अवसर भी मिलेगा।

इन तकनीकों पर रहेगा फोकस

कार्यक्रम में एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी (Advanced Drone Technology), कैनसैट और क्यूबसैट, रॉकेट्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस (GIAS) और आपदा प्रबंधन जैसे विषय शामिल किए गए हैं। प्रत्येक क्षेत्र में विशेष प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को स्टूडेंट एलएमएस पोर्टल पर रिकॉर्डेड कक्षाओं की सुविधा भी उपलब्ध होगी। कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा।