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Holika Dahan 2022 हरियाणा के इस गांव ने 100 साल से नही किया होलिका दहन, जानिए क्या है वजह

Holika Dahan 2022 रोहतक में ग्रामीण सुंडाणा गांव में होलिका दहन नहीं करते हैं। हालांकि होली के दिन सभी ग्रामीण मिलकर गांव में ही भैरो भैया बाबा के मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं और गांव में सुख-शांति की कामना करते हैं।
 
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Holika Dahan 2022 हरियाणा के इस गांव ने 100 साल से नही किया होलिका दहन, जानिए क्या है वजह

HR Breaking News, रोहतक, फाल्गुन पूर्णिमा पर होली पूजन को लेकर एक तरफ जहां महिलाओं ने जिले भर में अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। तो वहीं दूसरी तरफ रोहतक का एक गांव ऐसा भी हैं जहां 100 साल से भी अधिक समय से होलिका दहन ही नहीं हुआ है।

 

जिले के इस गांव का नाम सुंडाना है और यह शहर से करीब 14 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण दिशा में स्थित है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में सदियों पहले एक ऐसी दुखद घटना हुई थी कि उसके बाद से ही ग्रामीण इस गांव में होलिका दहन नहीं करते हैं।

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हालांकि होली के दिन सभी ग्रामीण मिलकर गांव में ही भैरो भैया बाबा के मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं और गांव में सुख-शांति की कामना करते हैं। गांव सुंडाणा निवासी 82 वर्षीय तुलसी, 75 वर्षीय जागेराम, 73 वर्षीय राज सिंह, 59 वर्षीय शमशेर ने बताया कि उनके दादा-परदादा भी यही बताते थे कि गांव में होलिका दहन नहीं हुआ है। हालांकि वह घटना किस साल हुई थी और बच्चे की उम्र कितनी थी, इसकी जानकारी उनको भी नहीं है। उनका यह भी कहना है कि उस दुखद घटना से पहले गांव में हालिका दहन होता था।


ये थी वो दुखद घटना :

ग्रामीणों के मुताबिक सदियों पहले गांव में जब होलिका दहन हो रहा था तो उसमें एक गाय, बछड़ा व बच्चा एक साथ झुलस गए थे और तीनों की मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद से ही ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया था कि अगर होली के दिन गांव गाय बछड़ा दे और उसी दिन लड़का पैदा हो, तभी से होलिका दहन करना शुरू कर देंगे।

इस घटना को 100 साल से भी ज्यादा का समय बीत गया है। लेकिन अभी तक भी वो समय नहीं आया है, जब 11000 से ज्यादा की आबादी वाले इस गांव में होली के दिन किसी गाय ने बछड़ा दिया हो और उसी दिन लड़का भी पैदा हो गया हो।

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हरियाणा में प्रसिद्ध है यहां का फाग :

सुंडाणा के ग्रामीण भले ही होली के दिन गांव में बच्चा व बछड़ा पैदा होने की उम्मीद सदियों से लगा रहे हों, लेकिन होली के अगले दिन इस गांव में खेला जाने वाला फाग हरियाणा में प्रसिद्ध है। सुंडाणा में फाग के दिन तमाम वर्गाें के पुरुष व महिलाएं एक जगह एकत्रित होते हैं और जमकर एक दूसरे पर रंग गुलाल उड़ते हैं।

पुरुष जहां महिलाओं को भिगोते हैं तो महिलाएं भी पुरुषों पर खूब कोरड़े बरसाती हैं। गांव में सभी वर्गाें का एकजुट होकर खेलना दूसरों के लिए भी मिसाल पेश करता है।

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बुजुर्गाें का कहना है कि इस गांव में सदियों से होलिका दहन नहीं किया जा रहा है। दरअसल, सदियों पहले एक दुखद घटना में गाय, बछड़ा व एक बच्चे की मौत होने के चलते यहां होलिका दहन नहीं किया जाता है। हालांकि इस दिन ग्रामीण मिलकर भैरो भैया बाबा के मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं और गांव में सुख-शांति बनाए रखने की कामना करते हैं।

- कुलदीप, निवर्तमान सरपंच, गांव सुंडाणा।