Car Phone Charging : कार में फोन चार्ज करते हुए ये गलतियां पड़ेंगी भारी, बैटरी की लाइफ होगी कम
Smartphone car charging risks : अक्सर देखा जाता है कि लोग फोन को कार में चार्ज करते हैं। अगर आप भी कार में गाड़ी को चार्ज (car charging) करते हैं तो ये खबर आपके काफी काम की हो सकती है। ऐसे में अगर आप कार में फोन को चार्ज करते हैं तो कुछ गलतियों को करना काफी भारी पड़ सकता है। इसकी वजह से फोन की बैटरी लाइफ कम हो जाएगी। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
HR Breaking News (Smartphone car charging) कार में अक्सर लोग फोन को चार्ज लगा देते हैं। ऐसे में अगर आप भी ये गलती करते हैं तो ये आपकी परेशानी को बढ़ा सकता है क्योंकि इस तरह से फोन को चार्ज (car charging Tips) लगाने की वजह से आपके फोन की बैटरी लाइफ काफी कम हो जाती है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से कार में फोन को चार्ज लगाने से जुड़ी इस पूरी जानकारी के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
कार में अनस्टेबल होती है बिजली
बता दें कि कार के इंजन से मिलने वाली बिजली अनस्टेबल (Phone Charging In Car) होती है। ऐसे में जब भी आप कार की हेडलाइट को जलाते हैं या फिर गर्मियों में ऐसी की ठंडक को तेज करते हैं तो फिर बिजली में उतार चढ़ाव देखने को मिल जाता है। इसका सीधा प्रभाव आपके फोन की बैटरी पर देखने को मिलता है। इसके साथ साथ कार के इन-बिल्ट यूएसबी पोर्ट्स धीमी चार्जिंग (0.5 Amp Car Charger) करते हैं, इससे फोन गर्म होकर खराब हो जाता है। इस स्थिति में एडाप्टर और केबल का सही चुनाव आपकी बैटरी को बचा सकता है।
करना पड़ सकता है इन परेशानियों का सामना
- फोन की बैटरी पर पड़ेगा प्रभाव :
घर की सॉकेट से मिलने वाली बिजली स्थिर पूरी तरह से स्थिर होती है, हालांकि कार में बिजली अल्टरनेटर करंट से आती है। इस वजह से जैसे ही कार की स्पीड (Phone Charging Tips) में बदलाव देखने को मिलता है या फिर आप कोई दूसरा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (जैसे हेडलाइट या वाइपर) ऑन करते हैं तो फिर वोल्टेज में फ्लक्चुएशन देखने को मिलता है। इसके बाद ये झटका फोन की लिथियम-आयन बैटरी की लाइफ को कम कर देता है।
- हीट की बढ़ जाती है परेशानी :
अक्सर कारों में देखा जाता है कि यूएसबी पोर्ट्स (Phone Charging) फोन चार्जिंग के लिए नहीं, बल्कि डेटा ट्रांसफर के लिए भी यूज किया जाता है। ये सिर्फ 0.5 एम्पीयर की बिजली को प्रोवाइड करता है। इतने कम करंट की वजह से फोन चार्ज होने में चार-पांच घंटे का समय काफी आराम से लग जाता है। वहीं लंबे समय तक चार्जिंग मोड (Phone Charging Mode) में रहने की वजह से फोन में हीट की परेशानी भी बढ़ जाती है और फोन भी गर्म हो जाता है। इसकी वजह से बैटरी फुलने की स्थिती बन जाती है।
जरूरत की स्थिति में करें ये काम
यूएसबी पोर्ट के बजाय करें इस सॉकेट का चयन
आज कल की ज्यादातर आधुनिक कारों में डैशबोर्ड पर ही यूएसबी पोर्ट (USB Port) को लगाया जाता है। हालांकि एक्सपर्ट्स ने बताया है कि ये चार्जिंग के लिए सबसे खराब ऑप्शन रहने वाला है। दरअसल, ये पोर्ट खासतौर से डेटा ट्रांसफर या म्यूजिक सिस्टम के लिए बने होते हैं। ये बहुत कम बिजली (मात्र 5 वाट) सप्लाई कर देते हैं। इस वजह से ये बेहतर होगा कि आप कार के 12V सिगरेट लाइटर सॉकेट का यूज करें। इस सॉकेट में एक अच्छी क्वालिटी का एडाप्टर लगाकर आप 18W से 65W (Phone Charging Tips) तक की पावर को जनरेट कर सकते हैं। इसकी वजह से फोन तेजी और सुरक्षित तरीके से चार्ज हो जाता है।
ओवरहीटिंग से बचाव करने के लिए करें ये काम
कार के भीतर का तापमान सामान्य कमरों की तुलना में अक्सर ज्यादा होता है। इस स्थिति में जब आप कार में फोन को चार्ज (Phone Charging) करते हैं और उस पर मोटा सिलिकॉन या लेदर कवर लगा होता है, तो फिर फोन के अंदर पैदा होने वाली गर्मी बाहर नहीं निकलती है। ऐसे में ये गर्मी बैटरी के केमिकल्स को धीरे-धीरे खत्म कर देती है और लंबी सफर के दौरान फोन चार्ज (Phone Charging Tips) करना एक मजबूरी भी बन जाता है। इस वजह से इस दौरान फोन चार्ज करने से पहले उसका कवर उतार देना एक समझदारी भरा मौका बनकर सामने आएगा। इसकी वजह से फोन का तापमान नियंत्रित रहता है और बैटरी लाइफ लंबी हो जाती है।
चार्ज पर लगाकर न करें फोन को यूज
सफर के दौरान अक्सर लोग गूगल मैप्स (Google Maps) को चलाकर ही फोन को चार्जिंग पर लगा देते हैं। तकनीकी रूप से ये फोन की बैटरी के लिए सबसे तनावपूर्ण स्थिति बनकर सामने आ रहा है। नेविगेशन के दौरान फोन का प्रोसेसर, जीपीएस और स्क्रीन लगातार काम करते हैं, इससे बहुत गर्मी पैदा हो जाती है।
साथ ही में चार्जिंग (Phone Charging In Car) करने से ये गर्मी दोगुनी हो जाती है। इस वजह से आपको कोशिश करनी चाहिए कि फोन को 80 प्रतिशत तक चार्ज करने के बाद उसे चार्जर से हटा दिया करें और फिर मैप का यूज करें। अगर मैप चलाना काफी ज्यादा जरूरी है, तो फोन को एसी वेंट (Air Vent) वाले होल्डर पर लगाएं, जिससे ठंडी हवा फोन को मिलती रहे।
अच्छी क्वालिटी का चार्जर करें यूज
बाजार में आपको कई तरह के सस्ते चार्जर भी मिल जाते हैं जो आपको फास्ट चार्ज का दावा करते हैं। हालांकि वे आपके फोन के स्पेसिफिक चार्जिंग प्रोटोकॉल (जैसे VOOC, Warp या Samsung AFC) को सपोर्ट नहीं करते हैं। जब चार्जर और फोन का तालमेल नहीं बैठता है तो फिर ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा गर्मी के रूप में बर्बाद हो जाता है। एक असली और अच्छी क्वालिटी का चार्जर थोड़ा भारी और मजबूत होता है क्योंकि उसके अंदर वोल्टेज को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कंट्रोलर चिप (phone battery saving tips) और हीट सिंक को लगाया जाता है।
कार पर भी पड़ेगा बुरा प्रभाव
अगर आप फोन को गलत तरीके से चार्ज करते हैं तो इसकी वजह से न सिर्फ मोबाइल (best car phone chargers) बल्कि कार की सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। अगर आपकी कार की बैटरी पुरानी है और आप इंजन बंद करके फोन चार्ज कर रहे हैं, तो इससे कार की बैटरी डीप डिस्चार्ज हो सकती है। ऐसी स्थिति में बैटरी (why car charging ruins battery) की वोल्टेज काफी कम हो सकती है कि कार को दोबारा स्टार्ट करना मुश्किल हो जाएगा। इस वजह से चालू इंजन पर ही चार्जिंग करना बेहतर साबित होने वाला है। इसकी वजह से पावर का लोड सीधे अल्टरनेटर पर रहेगा।
कार को बंद करने से पहले अनप्लग करें चार्जर
अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंच जाने के बाद कार के इंजन को बंद करने से पहले फोन को चार्जर से हटा लेना चाहिए और एक जरूरी बात कार के डैशबोर्ड पर फोन (car charging risks) रखकर चार्ज न करें, क्योंकि इस स्थिति में सीधी धूप और चार्जिंग की गर्मी मिलकर फोन को ब्लास्ट भी कर सकती है, जिसकी दुर्घटना की स्थिति भी बन सकती है।
