हिसार में बाजरे के भावांतर भरपाई के लिए किसानों को करनी पड़ रही मशक्कत, 20 फीसदी का सत्यापन अटका
HR Breaking News (Hisar News) मंडियों में बाजरे की आवक में तेजी आ गई है, लेकिन मंडियों में बाजरे के भाव को लेकर किसानों में चिंता बढ़ी हुई है। भावांतर भरपाई (compensation for millet in Hisar) के लिए किसान कागजी प्रोसेस और वैरिफिकेशन में जुटे हुए हैं। इसके लिए किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अब तक तकरीबन 20 फीसदी का सत्यापन अटका हुआ है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-
20 प्रतिशत किसानों का नहीं हुआ डाटा वेरिफिकेशन
भले ही मंडियों में बाजरे की आवक (Arrival of millet in markets) तेज हो गई है, लेकिन किसानों के लिए 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस का लाभ लेना अभी भी एक बड़ी चुनौती जैसा है। बाजरे की सरकारी खरीद को ई-नेम पोर्टल के साथ ही मेरी फसल मेरा ब्योरा (meri fasal mera byora) से कनेक्ट किया गया है। सरकार की तरफ से बाजरे पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाना है, लेकिन लगभग 20 प्रतिशत किसानों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पर डाटा वेरिफिकेशन नहीं हो पा रहा है।
जनरेट नहीं हो पा रहे किसानों के गेट पास
डाटा वेरिफिकेशन नहीं हो पाने के चलते किसानों के गेट पास जनरेट नहीं हो रहे हैं। किसानों के डॉक्यूमेंट के वेरिफिकेशन के लिए मंडी और संबधिंत विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सरकारी योजना के मुताबिक जे-फॉर्म में फसल के उत्पादन के हिसाब से 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जुड़ने पर बाजरे की खरीद 2900 रुपए प्रति क्विंटल तक होने की संभावना है। हालांकि इसका फायदा सिर्फ मेरी फसल मेरा ब्योरा पर रजिस्टर्ड किसानों (Farmers registered on Meri Fasal Mera Byora) को मिलेगा। बिना रजिस्टर्ड किसान बोनस का लाभ नहीं ले सकेंगे।
कितना है मूंग का सरकारी भाव
इसके साथ ही अभी वर्तमान में मंडियों में मूंग की निजी स्तर पर खरीदी (Purchase of moong in markets) की जा रही है। मूंग का सरकारी भाव 8700 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है, लेकिन अभी सरकारी खरीद की शुरुआत नहीं हुई है। हिसार अनाज मंडी में राजस्थान से मूंगफली की आवक होती है, जिसकी सरकारी खरीद 15 नवंबर के बाद शुरू हो सकती है।
अनाज मंडी में जारी है धान की आवक
अनाज मंडी में धान की आवक (Arrival of paddy in grain market) अभी जारी है। जिले में अब तक लगभग 2300 मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंच गया है। धान की बिक्री के लिए ज्यादा से ज्यादा 17 प्रतिशत नमी की शर्त तय की गई है। ज्यादा नमी की वजह से पहले खरीद में परेशानी हो रही थी। अब नवी कम होने पर सरकारी खरीद शुरू हो सकती है। खरीद शुरू होने पर मंडियों में धान की आवक में तेजी आ सकती है।
हिसार मंडी में बाजरे की आवक
जिले में बाजरे की 864 मेट्रिक टन आवक का आंकड़ा (Millet arrival data in hisar) रिकॉर्ड किया है। वही हिसार मंडी में अब तक लगभग 3600 क्विंटल बाजरे की आवक (Arrival of millet in Hisar market) हो गई है। 192 किसान बाजरा लेकर मंडी पहुंच गए हैं, जिसमें से लगभग 1500 क्विंटल बाजरा निजी स्तर पर खरीदा गया है। निजी खरीद में अधिकतम 2305 रुपए प्रति क्विंटल भाव मिला है और सरकारी खरीद के लिए 2300 रुपये प्रति क्विंटल का भाव तय किया गया है। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान अभी इंतजार कर रहे हैं।
मंडियों में धान, मूंग, बाजरे की आवक जारी
हिसार के जिला मार्केटिंग एंड एनफोर्समेंट ऑफिसर का कहना है कि मंडियों में धान, मूंग, बाजरे की आवक (Arrival of millet in Hisar) जारी है। धान में अधिक नमी की वजह से बिक्री नहीं हो पा रही थी। अब नमी कम होने पर धान की सरकारी खरीद भी शुरू होने की संभावना है। किसानों के रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन से संबंधित परेशानी को ठीक करवाया जा रहा है। इससे किसानों को असुविधा नहीं होगी।
