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Rajasthan ka mausam - राजस्थान के इन जिलों का तापमान 10 डिग्री गिरा, अगले 2 दिन में पड़ेगा पाला
 

राजस्थान में शीतलहर चल गई है। नए साल की रात तापमान में बड़ी गिरावट रिकॉर्ड हुई है। शेखावाटी में सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों तक पाला पड़ेगा। 
 
 

HR Breaking News, Digital Desk- राजस्थान में नए साल पर शीतलहर चल गई है। हिमालय के पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी और उत्तर दिशा से आ रही सर्द हवा के झोंकों ने राजस्थान में अचानक सर्दी बढ़ा दी है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 4 से 10 डिग्री तक गिर गया है।

जिससे प्रदेश में शीतलहर चल गई है। सीकर के फतेहपुर में रात का न्यूनतम तापमान 1 डिग्री और चूरू में 1.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ है। जो प्रदेश में सबसे कम है। प्रदेश में सबसे कम दिन का अधिकतम तापमान सिरोही में 18.4 डिग्री सेल्सियस रहा है।  । अगले एक-दो दिन में पाला पड़ने के आसार बन रहे हैं। 

प्रदेशभर में 1 से 11 डिग्री तक न्यूनतम तापमान-


चित्तौड़गढ़ में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री, हनुमानगढ़ के संगरिया में 3.3 डिग्री, सीकर में 3.5 डिग्री, भीलवाड़ा में 4 डिग्री, करौली में 4.2 डिग्री, अलवर में 4.8 डिग्री, झुंझुनूं के पिलानी में 4.8 डिग्री, उदयपुर के डबोक में 6 डिग्री, जोधपुर में 6.6 डिग्री, बीकानेर में 6.4 डिग्री, श्रीगंगानगर में 6.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ है। पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड हुआ है।

4 दिन घना कोहरा पड़ेगा-


मौसम विभाग ने राजस्थान समेत उत्तरी भारत में अगले 4 दिन घना कोहरा पड़ने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर तक रह सकती है। वाहन चालकों को सुबह और रात के वक्त सावधानी बरतकर और स्लो स्पीड में वाहन चलाने की सलाह है। जिन वाहनों में एंटी फॉग लाइट हैं, उनका इस्तेमाल करें।

अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी कई स्थानों पर 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज होगी। जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर सम्भाग में तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। आगामी दिनों में प्रदेश का मौसम शुष्क यानी सूखा रहेगा। सर्द हवाएं खुश्की बढ़ाएंगी। 

ठंड में फ्रॉस्टबाइट से बचाव के उपाय करें-

मौसम विभाग के मुताबिक सर्द हवाएं ठंड लगातार बढ़ा रही हैं।  रात के साथ-साथ दिन में भी ठंड का एहसास ज्यादा रहेगा। ठंड में लम्बे समय तक रहने से 'फ्रॉस्टबाइट' (शीतदंश) हो सकता है। पाला और शीत लहर दलहनी फसलों और पशुओं को भी प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए बचाव के कुछ सुझाव हैं-

ठंड में लम्बे वक्त तक रहने से बचें-


-अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को कवर करें। ताकि बॉडी में एनर्जी और हीट की कमी नहीं हो।
-बाहरी एक्टिविटीज से बचें या सीमित करें।
-फ्रॉस्टबाइट या हाइपोथर्मिया (शरीर का ठंडा पड़ना) होने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें।


- पालतू जानवरों औ पशुओं-मवेशियों को  ठंडे मौसम से बचाने के लिए शेड और कवर की व्यवस्था करें। ऊपर से गर्म कपड़े भी ओढ़ाए जा सकते हैं।
- किसान रबी की फसलों में सुबह-शाम सिंचाई दें। इससे पाले से फसल बचेगी। तापमान कंट्रोल रहेगा और नमी बनी रहेगी।