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car buying tips : सेकेंड हैंड कार खरीदते समय जरूर चेक कर लें ये कागजात, बाद में नहीं होगी परेशानी

Buying Second Hand Car: आप भी अगर इन दिनों सेकेंड हैंड कार खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको एक बेहद जरूरी टिप्स दे दें कि आपको सबसे पहले उस कार से जुड़े कुछ खास डॉक्यूमेंट्स को जरूर चेक करना चाहिए, जिससे कि बाद में आपको किसी तरह की दिक्कत न हो। आइए आपको बतात हैं कि इन फॉरमेलिटिज की जरूरत क्यों होती हैं...
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HR Breaking News (नई दिल्ली)। Documents To Check Before Buying Second Hand Car: सेकेंड हैंड कार मार्केट तेजी से देशभर में फैल रहा है और यूज्ड कार खरीदने वालों की संख्या भी काफी तेजी से बढ़ रही है। दरअसल, बहुत से लोग नई कार खरीदने की हालत में नहीं होते हैं।

ऐसे में वह ऑनलाइन या ऑफलाइन प्री-ऑन्ड कार मार्केट (Pre-owned car market) से अच्छी कंडीशन वाली यूज्ड कार कम दाम में  (used car at low price) खरीद लेते हैं, जो कि उनके लिए ज्यादा फायदे का सौदा होता है। जिससे आपको पता चल सके कि कार कब खरीदी गई है और किस कंडिशन में है या सभी कागज दुरुस्त तो हैं? इससे आप सही कार खरीद सकेंगे और भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बच सकेंगे। देखें कौन-कौन से कागज जरूरी हैं?


ये कागज जरूर होने चाहिए, नहीं तो..!
गोमैकेनिक की रिपोर्ट से प्रेरित होते हुए हम बता रहे हैं कि कोई भी अगर सेकेंड हैंड कार खरीदता है तो उसे सबसे पहले गाड़ी के ऑनर से कुछ जरूरी कागज डिमांड करनी चाहिए, जिनमें सबसे पहला आरसी, यानी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (Registration Certificate) है। सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले आप जरूर देख लें कि कार मालिक के पास आरसी है या नहीं और आप आरसी में दिख रहे सभी डिटेल्स परिवहन की साइट पर जरूर वेरिफाई (Must be verified at the transportation site) करें।

जिनमें सीरियल नंबर, डेट ऑफ रजिस्ट्रेशन और टाइप ऑफ फ्यूल मेंशन होते हैं। इसके बाद आप इस यूज्ड कार का इंश्योरेंस डॉक्यूमेंट्स भी देखें कि कार इंश्योर्ड है कि नहीं। आप इस कागज में जरूर देखें कि प्रीमियम समय पर चुकाए गए हैं कि नहीं, या इंश्योरेंस फेल तो नहीं है?


सर्विस रेकॉर्ड बुक (service record book) देखना जरूरी-
सेकेंड हैंड कार खरीदने (buy second hand car) वालों को ओरिजिनल कार मालिक से कार परचेज इनवॉयस भी मांगना चाहिए, जिससे कि पता चल सके कि कार वास्तविक में कितनी पुरानी है? आप संबंधित कार का सर्विस रेकॉर्ड बुक जरूर चेक करें, जिससे आपको अंदाजा हो जाएगा कि गाड़ी किस कंडीशन में है। आपके लिए वीइकल ट्रांसफर ऑनरशिप से जुड़े फॉर्म 28, 29, 30 भी जरूरी हैं, जिन्हें जमा करने के बाद गाड़ी आपके नाम हो जाएगी।