Gold-Silver Price : सोने-चांदी के भाव में तगड़ा उछाल, गोल्ड 4250 रुपये और चांदी 7454 रुपये महंगी हुई
Gold-Silver Price Hike :पिछले काफी समय से सोने-चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां सोने और चांदी (Gold-Silver Price) अपनी उच्च्तम कीमतों तक पहुंचे हैं वहीं, कई बार इनकी कीमतों में भारी कमी भी दर्ज की गई है। सोने की कीमतों ने पिछले माह नई ऊंचाइयों को दर्ज किया है। इसी के साथ चांदी की कीमत ने भी आसमान छू लिया है।

HR Breaking News (Gold-Silver Price) : देश में पिछले कुछ समय में सोने-चांदी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इससे लोगों ने सोने-चांदी को निवेश का अच्छा माध्यम माना है। काफी एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि वर्तमान में सोना-चांदी (Gold-Silver Price) निवेश के लिए काफी बेहतरीन आप्शन हैं।
तीन महीने में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
नव वर्ष 2025 की शुरुआत से ही सोना-चांदी (Gold-Silver Price) अपने रेट के चलते घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार में चर्चा का विषय रहा है। साल के शुरुआती तीन महीनों में ही सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली है। चलिए जानते हैं कि सोने चांदी के भाव में फिलहाल कितना उछाल दर्ज किया गया है।
मार्च में सोने के दामों में तगड़ा उछाल
अगर हम मार्च 2025 की बात करें तो इस दौरान सोने और चांदी के भाव बाजार में चर्चा के विषय रहे हैं। निवेशकों के साथ-साथ ग्राहकों के बीच भी सोने-चांदी (Gold-Silver Price) की इन कीमतों ने खूब हलचल मचाई है। फरवरी में सोने के भाव जहां बढ़े थे, ठीक वैसे ही साल के तीसरे महीने मार्च में भी इनकी कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
इस महीने में हुआ तगड़ा उछाल
मार्च महीनें में एक ओर सोने की कीमत में जहां 4250 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, वहीं चांदी (Gold-Silver Price) की कीमत में भी 7454 रुपये का इजाफा दर्ज किया गया है। दोनों ही महत्तवपूर्ण धातुओं की कीमतों ने मानों आसमान छू लिया है।
आज जारी नहीं हुए भाव
राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने-चांदी की कीमत हर रोज चर्चा का विषय रहती है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सोने- चांदी (Gold-Silver Price) की बढ़ती मांग ने इन्हें लगातार चर्चा में ला रखा है। ईद के अवकाश के चलते आज आईबीजेए ने सोने-चांदी के ताजा भाव जारी नहीं किए हैं और दूसरी ओर एमसीएक्स (MCX) भी बंद है।
सोने की बढ़ती कीमतों के कारण :
रुपये की कमजोर स्थिति -
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति से भी देश के घरेलू बाजार में सोने के रेट प्रभावित होते हैं। यह स्थिति डॉलर की कीमतों से तय होती है। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि अगर भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो सोने (Gold Price) का आयात महंगा हो जाता है। इससे घरेलू बाजार में इसके भाव बढ़ जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितता -
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बढ़ोतरी होती है। जिसके पीछे भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध या व्यापार विवाद, मुद्रास्फीति का दबाव व अन्य कई कारण हो सकते हैं, तो ऐसे समय में सोना निवेशकों की पहली पसंद होता है। ज्यादातर निवेशक सोने (Gold-Silver Price) को निवेश का एक सुरक्षित जरिया मानते हैं। इस वजह से सोने की मांग बढ़ती है और इसके भाव में भी बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।
केंद्रीय बैंकों की ओर से होने वाली खरीद -
काफी देशों के केंद्रीय बैंक अपने देश के विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति को मजबूत करने के लिए सोने की खरीदारी करते हैं। ये केंद्रीय बैंक (Gold-Silver Price) जब बड़े स्तर पर सोना खरीदते हैं, तो सोने की आपूर्ति पर काफी प्रभाव पड़ताा है और इसके रेट में इजाफा होता है।
सोने की मार्च महीने की कीमत
साल 2025 के मार्च माह में सोने की कीमतों में काफी उछाल देखने को मिला है। सोने की कीमतों (Gold-Silver Price) ने इस माह में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मार्च की शुरुआत से लेकर अब तक सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है। अगर पूरे मार्च माह की बात करें तो सोने की कीमत 4250 रुपये और चांदी की कीमत 7454 रुपये बढ़ी है। इस दौरान सोने के बढ़ते भाव के प्रमुख कारण वृद्धि का रुझान, वैश्विक प्रभाव, लोकल कारण और निवेशकों का रुझान रहे हैं।
वर्तमान समय के मुकाबले पहले की स्थिति
वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान सर्राफा बाजारों में सोने के रेट 22,000 रुपये से ज्यादा हुए हैं। वहीं, साल 2025 में यह कीमत 13,000 रुपये से अधिक हुई है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना (Gold-Silver Price) साल 2025 के अब तक के महीनों में 17 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है।
एमसीएक्स पर 35 फीसदी बढ़ोतरी
वहीं अगर हम वायदा बाजार एमसीएक्स (MCX) के आंकड़ों की बात करें तो एक वर्ष में सोने के रेट में 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई । 2024-25 वित्त वर्ष में सोने- चांदी (Gold-Silver Price) ने शेयर बाजार व अन्य सभी एसेट्स से ज्यादा ही रिटर्न दिया है।
एक साल में चांदी के भाव प्रति किलोग्राम 27,000 रुपये से ज्यादा बढ़े हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में चांदी ने 35 फीसदी रिटर्न दिया। अगर हम 31 मार्च 2024 को चांदी के भाव की बात करें तो उस समय चांदी की कीमत 76,600 रुपये प्रति किलो थी।