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Gold Silver Down : क्यों लुढ़क रहे हैं सोने और चांदी के दाम, जानें गिरावट का असल कारण

Gold Silver Price : लगातार बढ़ रही सोने और चांदी की कीमतों में अब गिरावट दर्ज की जा रही है। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट (Gold Silver Price Fall) के पीछे कई कारण बताये जा रहे हैं। हालांकि असल कारण के बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी है। आज हम आपको सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की असल वजह के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।

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Gold Silver Down : क्यों लुढ़क रहे हैं सोने और चांदी के दाम, जानें गिरावट का असल कारण

HR Breaking News-(Gold Silver Price Today) सोने और चांदी की कीमतों में पिछले काफी समय से गिरावट का दौर बना हुआ है। इसकी वजह से निवेशकों और आम खरीदारों के बीच उत्सुकता बढ़ गया है। साथ ही साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर (Gold Price in Dollar) की मजबूती ब्याज दरों को लेकर संकेत और निवेशकों की बदलती रणनीति जैसे कई कारक इस गिरावट के पीछे माने जा रहे हैं। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल आ रहा है कि सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों दर्ज की जा रही है। खबर के माध्यम से जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।

 

 


इस वजह से बढ़ रहे हैं सोने के दाम-

खासतौर पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन जब बढ़ते हैं तो सोने-चांदी कीमतों में भी तेजी दर्ज की जाती है। हालांकि इस बार उलटा प्रभाव देखने को मिल रहा है। ईरान-इजरायल-अमेरिका में युद्ध के बावजूद सोमवार को ग्लोबल मार्केट (Gold Price Fall) में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। खासतौर पर, ऐसे हालात में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की ओर रुख कर रहे हैं, हालंकि इस बार बाजार में उलटा रुख देखने को मिला है।


कॉमेक्स पर सोने का दाम-

कॉमेक्स (COMEX) पर सोने की कीमत लगभग 1.3 प्रतिशत फिसलकर 5,090 डॉलर प्रति औंस (Gold Price in Ounce) के आसपास पर कारोबार कर रही है। चांदी की कीमत में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये गिरावट मुनाफावसूली और बढ़ते बाजार तनाव (Gold Price Fall) की वजह से देखने को मिल रही है। सबसे खास बात तो ये है कि ये सब तब हो रहा है जब ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष गहरा रहा है, इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। वहीं वैश्विक वित्तीय बाजार में भी उतार चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है।

तेजी के बाद देखने को मिला मुनाफावसूली का दौर-

रिपोर्ट्स के अनुसार कीमती धातुओं में गिरावट (Gold Price Fall) की एक बड़ी वजह निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में सोने ने शानदार तेजी दर्ज की जा रही थी। इसके बाद निवेशक अब अपने मुनाफे को भुनाने में लग गए हैं। इसके पीछे एक और वजह ये है कि शेयर बाजार में जारी गिरावट की वजह से निवेशक (Gold Investment) अपने पोर्टफोलियो में हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए सोने के हिस्से को बेचकर नकदी जुटा रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, फिलहाल सोने की कीमतों पर मध्य पूर्व की स्थिति का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल रहा है। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव काफी बढ़ गया है।

बढ़ते तेल की कीमतों ने बढ़ाई परेशानी-

जहां एक ओर सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों ने नए रिकॉर्ड बना लिए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत 17 प्रतिशत उछलकर 108 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंची है। जोकि महामारी (Sone ka rate) के बाद से सबसे बड़ी एक दिवसीय छलांग है। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 107 डॉलर के लगभग पहुंच गया है। तेल की कीमतों में यह उछाल होर्मुज स्ट्रेट से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के चलते आया है।

दुनियाभर में महंगाई को मिला बढ़ावा-

लगातार बढ़ रही तेल की कीमतें दुनियाभर में महंगाई को और बढ़ावा दे रही है। इसकी वजह से केंद्रीय बैंकों (central bank Latest Update) के सामने ब्याज दरों को लेकर उलझन बढ़ जाती है। बढ़ती महंगाई की वजह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती का रास्ता और मुश्किल हो सकता है।

डॉलर हुआ मजबूत, कीमती धातुएं हुई कमजोर-

कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव की एक और बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। बॉन्ड यील्ड (ब्याज दरों) में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बाजार में अनिश्चितता के दौर में निवेशक नकदी के लिए डॉलर (Gold Price in Dollar) का रुख कर रहे हैं। वहीं, बढ़ती महंगाई की वजह से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड भी ऊपर पहुंच गई है। एक मजबूत डॉलर की वजह से दूसरी मुद्राओं वाले देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, इससे इसकी मांग कम हो जाती है।

युद्ध का बाजार पर दिखा उल्टा प्रभाव-

एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतों (Sone ki kemat) में ये उतार-चढ़ाव किसी बुनियादी बदलाव के कारण नहीं आ रहा है, बल्कि युद्ध के चलते पैदा हुई short-term volatility की वजह से ये बदलाव दज किया जा रहा है। जोसेफ थॉमस का मानना है कि एक बार भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद, अमेरिकी ब्याज दरों और डॉलर की दिशा जैसे पारंपरिक कारक ही सोने-चांदी की कीमतों को तय करने वाले हैं। फिलहाल, निवेशक सुरक्षित निवेश और बाजार (Gold Price Fall Reason) की तरलता की जरूरत के बीच उलझे हुए है।