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Income Tax Rule : प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में तय सीमा से ज्यादा किया कैश का लेन-देन, तो घर आ सकता है इनकम टैक्स का नोटिस!

property deal cash limit : अगा आप भी कोई प्रोपर्टी या फिर घर खरीदने का प्लान कर रहे है तो पहले इस खबर को ध्यान स पढ़ें। खरीद-फरोख्त से पहले आपको  पैसों के लेनदेन से जुड़े नियमों के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले है प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में पौसों के लेन-देन को लेकर क्या है आयकर विभाग के नियम...

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Income Tax Rule : प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त में तय सीमा से ज्यादा किया कैश का लेन-देन, तो घर आ सकता है इनकम टैक्स का नोटिस!

HR Breaking News, Digital Desk : अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है। साथ ही कई लोग ऐसे भी होते है जो अपने पुराने घर को बेच नए घर का सपना देखते है। अगर आप किसी प्रॉपर्टी को खरीदने या फिर बेचने की सोच रहे हैं तो आपके लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। प्रॉपर्टी डील करने से पहले आपको पैसों के लेनदेन से जुड़े नियम पता होने चाहिए नहीं तो आपको बाद में पछताना भी पड़ सकता (Income Tax Rule) है।

बहुत बार ऐसा होता है कि प्रॉपर्टी की खरीद बेच (buy sell property) के लिए कैश में ट्रांजेक्शन का ऑफर किया है और सामने वाली पार्टी भी इसे मान लेती है, लेकिन आपको बता दें कि कैश में आप कुछ हद तक ही लेनदेन कर सकते हैं।

आज इस खबर में हम आपको यहीं बताने जा रहे हैं कि आप कैश में किस सीमा तक प्रॉपर्टी की डील कर सकते हैं और अगर आप इस नियम का उल्लंघन करते है तो आपको कौन-कौन सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


जान लें कितनी है कैश लेनदेन की लिमिट ?


आयकर अधिनियम की धारा 269SS, 269T, 271D और, 271E में साल 2015 में सरकार ने कुछ बदलाव किए थे जिसके बाद आप केवल 19,999 रुपये तक का कैश ट्रांजेक्शन (cash transaction limit for property deal) कर सकते हैं। इस नियम का पालन नहीं करने पर आपको पास आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है।

उदाहरण के लिए मान ले कि आपने कोई जमीन 1 लाख रुपये में बेची जिसकी पेमेंट आपने कैश में ली। इसके बाद आपको इनकम टैक्स की धारा 269SS के तहत ये सारा पैसा यानी 100 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर इनकम टैक्स के पास चला जाएगा।

इनकम टैक्स की धारा 269T के तहत दोबारा लग सकता जुर्माना


आयकर की धारा (Income Tax Act) 269T के तहत अगर आपकी डील कैंसल हो गई और सामने वाली पार्टी ने आपसे पेमेंट वापस कैश में मांग तो ऐसी स्थिति में भी आप सिर्फ 20 हजार रुपये तक ही कैश में पेमेंट लौटा पाएंगे। इससे ज्यादा की रकम कैश में लौटाने पर धारा 269SS के तहत सारा पैसा फिर से आपको पेनल्टी देना होगा।

आयकर विभाग को कैसे मिलती है इसकी खबर?


अब सबके मन में ये सवाल उठ रहा होगा कि आयकर विभाग (income tax) को कैसे मिलती है इसकी खबर? बिल्कुल सही सवाल आपके मन में चल रहा है कि अगर कैश में लेनदेन हो रहा है तो आखिरकार इनकम टैक्स को पता कैसे चलेगा। इसका जवाब है रजिस्ट्री। देश में प्रॉपर्टी खरीदने पर आपको रजिस्ट्री करवानी पड़ती है जिसके बाद ही वो प्रॉपर्टी कानूनी रूप से आपकी होती है।

इसी वजह से जब आप आपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाएंगे तो आपके कैश लेनदेन की पूरी जानकारी आयकर विभाग को पता चल जाएगी जिसके बाद आप पर कार्रवाई हो सकती है।

जानिए कैसे करें लेनदेन ? 


बता दें कि 19,999 रुपये से उपर के ट्रांजेक्शन (online transaction) करने के लिए आप चेक या इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं । अब यहां ध्यान देने वाली यह है कि इनकम टैक्स का ये नियम सरकार, सरकारी कंपनी, बैंकिंग कंपनी या केंद्रीय सरकार की तरफ से कुछ चुनिंदा व्यक्ति व संस्थान पर लागू नहीं होता है।