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Success Story : 20 साल की उम्र में बिहार से खाली हाथ आया मुंबई, 9 बिजनेस हुए फेल, फिर भी नहीं मानी हार, अब कई हजार करोड़ की कंपनी का मालिक

Anil Agarwal Success Story : आज हम आपको बताने जा रहे है एक शख्स आदमी के बारे में जिन्होने 9 बिजनेस फेल होने पर भी नही मानी हार और आज मेहनत कर खड़ी कर ली कई हजार करोड़ की कंपनी, आइए खबर में जानते है इनके बारे में विस्तार से।

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Success Story : 20 साल की उम्र में बिहार से खाली हाथ आया मुंबई, 9 बिजनेस हुए फेल, फिर भी नहीं मानी हार, अब कई हजार करोड़ की कंपनी का मालिक

HR Breaking News, Digital Desk - सोशल मीडिया पर आपने वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) को आपने काफी देखा होगा। एक बिहारी सौ पर भारी वाली कहावत इन पर सटीक बैठती है। इनकी सफलता की कहानी काफी प्रेरणादायी है। वेदांता से पहले अग्रवाल ने 9 बिजनस शुरू किये थे। लेकिन सभी फेल हो गए। इसके बाद उन्होंने वेदांता रिसोर्सेज की स्थापना की और आज यह हजारों करोड़ की कंपनी है। अनिल अग्रवाल देश के सबसे सफल कारोबारियों में से एक माने जाते हैं। खास बात यह है कि अग्रवाल कभी कॉलेज नहीं गए। आइए जानते हैं कि उनकी सफलता की कहानी कैसी रही है।


20 साल की उम्र में बिहार छोड़ मुंबई आए

अनिल अग्रवाल बिहार में पटना के रहने वाले हैं। उन्होंने काफी कम उम्र (20 साल) में बिहार छोड़ दिया था और खाली हाथ मुंबई आ गए थे। उनके पास उस समय केवल एक टिफिन बॉक्स था। मुंबई में आकर उन्होंने पहली बार पीली टैक्सी और डबल डेकर बस देखी थी। यहां उन्होंने जमकर मेहनत की। साल 1970 में उन्होंने कबाड़ के धंधे से अपने कारोबारी करियर की शुरुआत की। उन्होंने अपनी पहली कंपनी की स्थापना की, जिससे उन्हें अच्छी-खासी कमाई हुई।
 

9 बिजनस शुरू किये, सभी फेल

इसके बाद साल 1976 में अग्रवाल ने शमशेर स्टर्लिंग केबल कंपनी को खरीदा। लेकिन बाद में धंधा नहीं चला तो उनके पास कर्मचारियों को सैलरी देने तक के पैसे नहीं बचे। इसके बाद अनिल अग्रवाल ने 9 अलग-अलग बिजनस शुरू किये, लेकिन सभी फेल हो गए। अग्रवाल कहते हैं कि उन्होंने अपने शुरुआती 20-30 साल संघर्ष में बिताए। कैंब्रिज में अपने एक संबोधन में अग्रवाल ने बताया था कि वे वर्षों तक डिप्रेशन में रहे थे। वे लगातार कोशिश करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली।

कॉपर रिफाइन का काम शुरू किया

इसके बाद साल 1986 में भारत सरकार ने टेलीफोन केबल बनाने के लिए प्राइवेट सेक्टर को मंजूरी दे दी। इससे पहले 1980 में अग्रवाल ने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को खरीद लिया था। इसके बाद साल 1990 में अग्रवाल ने कॉपर रिफाइंड का काम शुरू किया। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज देश की पहली ऐसी प्राइवेट कंपनी थी, जो कॉपर रिफाइन करने का काम करती थी। इसके बाद अग्रवाल लगातार सफलता की नई कहानी लिखते चले गए।


दुनियाभर में बिकता है वेदांता का प्रोडक्ट

वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड एक नेचुरल रिसोर्सेज कंपनी है। दुनियाभर में इसकी उपस्थिति है। यह मिनरल्स, ऑयल एंड गैस को निकालती है और प्रोसेस करती है। कंपनी के करीब 64 हजार कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्टर्स हैं। मुख्य रूप से यह कंपनी भारत, अफ्रिका, आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में है। दुनियाभर में कंपनी का प्रोडक्ट बिकता है।