नेशनल हाइवे लाइन से जुड़ेंगे, सेक्टर-14 और 33
HR Breaking News (hisar news) :सेक्टर-14 (Sector-14) और सेक्टर-33 (Sector-33) को नेशनल हाईवे-9 (National Highway-9) से जोड़ने वाली मास्टर रोड का वर्षों से लंबित निर्माण कार्य आखिरकार शुरू हो गया है। करीब सात साल तक जमीन संबंधी अड़चनों और विभागीय प्रक्रियाओं में उलझे रहने के बाद अब सड़क के शेष 650 मीटर हिस्से को बनाने का काम शुरू किया गया है। 45 मीटर चौड़ी इस सड़क को अगले दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तैयार होने से सेक्टरवासियों को हाईवे तक पहुंचने के लिए सीधा रास्ता मिलेगा। वहीं, साउथ बाईपास से हिसार-सिरसा रोड तक आने-जाने के लिए भी एक नया मार्ग उपलब्ध होगा।
8.8 किलोमीटर लंबी सड़क का आखिरी हिस्सा बनना बाकी था
एचएसवीपी (HSVP) की ओर से तैयार की जा रही इस मास्टर रोड की कुल लंबाई करीब 8.8 किलोमीटर है। इसका अधिकांश हिस्सा पहले ही बन चुका है, लेकिन सेक्टर-14 के प्रस्तावित तीसरे गेट से जीएलएफ के भैंस फार्म के साथ लगते करीब 650 मीटर हिस्से का निर्माण जमीन की उपलब्धता नहीं होने के कारण रुका हुआ था। अब इस हिस्से पर काम शुरू होने के बाद सड़क सेक्टर-14, सेक्टर-14 पार्ट-2 और सेक्टर-33 को आपस में जोड़ते हुए नेशनल हाईवे तक पहुंचेगी।
जीएलएफ की जमीन बनी थी निर्माण में बाधा
मास्टर रोड के रास्ते में जीएलएफ (GLF) की करीब 44 एकड़ जमीन आ रही थी। एचएसवीपी ने इसके अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की, लेकिन जीएलएफ की शर्त थी कि नई इमारत तैयार होने के बाद ही जमीन का कब्जा दिया जाएगा। इसके लिए एचएसवीपी ने 57 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया और राशि फार्म के खाते में भी जमा करवाई। इसके अलावा केंद्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र की करीब एक एकड़ जमीन भी सड़क के दायरे में आ रही थी। जमीन की व्यवस्था, अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़ी प्रक्रियाओं के चलते परियोजना लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सकी।
शहर के कई मार्गों पर यातायात का दबाव होगा कम
सड़क शुरू होने से सेक्टर-14, सेक्टर-14 पार्ट-2, सेक्टर-33 और सेक्टर-33 पार्ट-2 के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। 45 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों तरफ सर्विस लेन भी बनाई जाएंगी। इससे वाहन चालकों को आवाजाही में सुविधा होगी। इसके अलावा सिरसा चुंगी से बालसमंद रोड, राजगढ़ रोड, कैमरी रोड और तोशाम रोड (tosham road) की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा। साउथ बाईपास से हिसार-सिरसा-दिल्ली रोड तक पहुंचने के लिए भी शहर के अंदर से गुजरने की मजबूरी कम होगी। इससे बस अड्डे के आसपास यातायात का दबाव घटाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
ट्रैफिक डी-कंजेशन कमेटी ने उठाया मामला
परियोजना को गति देने में ट्रैफिक डी-कंजेशन कमेटी (De-congestion Committee) की भी अहम भूमिका रही। कमेटी ने विभागीय स्तर पर लंबित मामलों को आगे बढ़ाया। मंत्री रणबीर गंगवा (Minister Ranbir Gangwa) ने चंडीगढ़ में अधिकारियों के साथ बातचीत कर अड़चनों को दूर करवाने के प्रयास किए। वहीं, हिसार की विधायक सावित्री जिंदल ने भी सड़क निर्माण का मुद्दा विधानसभा और संबंधित बैठकों में उठाया था।
चार किलोमीटर रोड पर लगेंगी 236 स्ट्रीट लाइटें
मास्टर रोड के साथ-साथ रोशनी की व्यवस्था का काम भी अभी पूरा होना बाकी है। सेक्टर-14 पार्ट-2 और सेक्टर-33 के करीब चार किलोमीटर लंबे हिस्से पर 145 पोल लगाए जाने हैं। इन पर 135 वॉट की कुल 236 स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इससे आसपास के करीब पांच हजार प्लॉटधारकों को सुविधा मिलेगी। एचएसवीपी ने जून 2024 में इसके लिए टेंडर जारी किया था, लेकिन एजेंसी को काम आवंटित करने में देरी के कारण स्ट्रीट लाइट लगाने का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
